अमेरिका के Department of Homeland Security (DHS) ने विदेशी छात्रों, पत्रकारों और एक्सचेंज प्रोग्राम में जाने वाले लोगों के लिए वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन लोगों को वीज़ा मिलने पर तय समय के लिए ही अमेरिका में रहने की अनुमति मिलेगी। भारत सरकार ने इस पर चिंता जताई है और कहा है कि वह अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बात करेगी ताकि भारतीय नागरिकों को परेशानी न हो।
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वीज़ा नियमों में हुए मुख्य बदलाव
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को बताया कि भारत सरकार इस मामले पर चर्चा करेगी। नए नियमों के अनुसार:
- छात्रों (F) और एक्सचेंज विजिटर्स (J) को अधिकतम 4 साल तक की ही अनुमति दी जाएगी।
- पढ़ाई पूरी होने के बाद मिलने वाला ग्रेस पीरियड 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है।
- पत्रकारों (I) को अब अधिकतम 240 दिनों की अवधि के लिए प्रवेश मिलेगा।
- अगर किसी को इससे ज़्यादा समय तक रुकना है, तो उन्हें USCIS के पास अलग से Extension of Stay (EOS) की अर्जी देनी होगी।
यह नया नियम 15 सितंबर 2026 से लागू होने की उम्मीद है। DHS का कहना है कि ये बदलाव वीज़ा के गलत इस्तेमाल को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए हैं। जो लोग पहले से ही पुरानी व्यवस्था के तहत अमेरिका में हैं, उन पर भी यह नया नियम लागू होगा और उनकी कुल ठहरने की अवधि 4 साल तक सीमित रहेगी। इसके अलावा, इंग्लिश सीखने के कोर्स के लिए अब कुल 24 महीने की समय सीमा तय कर दी गई है।
