अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। अमेरिकी सरकार 30 मार्च 2026 से कई और वीज़ा कैटेगरी के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन जानकारी की जांच का दायरा बढ़ाने जा रही है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि अमेरिका आने वाले लोगों की सही से जांच की जा सके। यह नया नियम अमेरिकी दूतावासों में आवेदन करने वाले सभी संबंधित प्रवासियों पर लागू होगा।

किन वीज़ा श्रेणियों पर पड़ेगा इस नए नियम का असर?

इस नए बदलाव के तहत अब कई नई वीज़ा श्रेणियों को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। भारतीय आवेदकों के लिए इसका असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो शादी या धार्मिक कार्यों के लिए अमेरिका जाना चाहते हैं। छात्र वीज़ा और वर्क वीज़ा के लिए यह नियम पहले से ही लागू है। नई लिस्ट में शामिल कुछ प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  • मंगेतर और जीवनसाथी के लिए वीज़ा (K-1, K-3)
  • धार्मिक कार्यकर्ता और उनके परिवार (R-1, R-2)
  • सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग (Q)
  • घरेलू कर्मचारी और विशेष प्रशिक्षु (A-3, C-3, H-3)
  • मानव तस्करी और अपराध के पीड़ितों के लिए वीज़ा (T, U)

आवेदकों को अब किन बातों का रखना होगा ध्यान?

नए नियमों के अनुसार अब आवेदकों को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की सेटिंग्स को पब्लिक या ओपन रखना होगा। इससे दूतावास के अधिकारी आवेदन की जांच के दौरान आपकी सार्वजनिक जानकारियों को देख सकेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीज़ा देना एक सुविधा है और हर आवेदन पर फैसला सुरक्षा मानकों को देखकर लिया जाता है।

महत्वपूर्ण बदलाव विवरण
प्राइवेसी सेटिंग सोशल मीडिया प्रोफाइल को पब्लिक रखना होगा
आवेदन फॉर्म DS-160 और DS-260 में सोशल मीडिया आईडी देना अनिवार्य है
जांच का समय बैकग्राउंड चेक के कारण वीज़ा प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है
सुरक्षा मानक संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता होने पर वीज़ा रिजेक्ट हो सकता है

आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा इसका प्रभाव?

इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से उन भारतीयों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा जो काम या पढ़ाई के लिए जा रहे हैं, क्योंकि उनके लिए यह नियम पहले ही लागू हो चुके हैं। हालांकि, धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों और अमेरिकी नागरिकों से शादी करने वालों को अब अपनी ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति अधिक सावधान रहना होगा। अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) ने संकेत दिया है कि किसी भी तरह की समाज विरोधी या नकारात्मक गतिविधियों को आवेदन के दौरान गंभीरता से लिया जाएगा। इससे इंटरव्यू के दौरान अधिक सवाल पूछे जा सकते हैं और कागजी कार्रवाई भी बढ़ सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.