अमेरिका और इसराइल के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका और इसराइल के हित हमेशा एक जैसे नहीं होते और जब भी दोनों देशों के हितों में टकराव होगा, तो अमेरिका हमेशा अपने लोगों के फायदे को चुनेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिमी एशिया में हालात बहुत तेजी से बदल रहे हैं और ईरान को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

ईरान और परमाणु समझौते को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इस समय ईरान के साथ एक लंबी अवधि के परमाणु समझौते की कोशिशों में जुटा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस समझौते को लेकर हो सकता है कि इसराइल खुश हो या फिर उसे यह पसंद न आए। हाल ही में जून 2026 में हुए मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को जवाबी हमला न करने की सलाह दी थी क्योंकि समझौता होने के करीब था, लेकिन इसराइल ने ट्रंप की बात नहीं मानी और हमला कर दिया।

नेतन्याहू से कहां हुई चूक और क्या है नया अमेरिकी रुख?

जेडी वेंस ने कहा कि इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के साथ संबंधों और ईरान के मामले में कुछ गलतियां जरूर की हैं। हालांकि उन्होंने कोई खास उदाहरण देने से परहेज किया। इस बीच अमेरिकी संसद में भी इसराइल को दी जाने वाली सैन्य मदद और रक्षा सहयोग को लेकर विरोध शुरू हो गया है। एक सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में 50 साल से कम उम्र के लगभग 60 फीसदी लोग इसराइल को पसंद नहीं करते हैं, जिससे अमेरिकी सरकार पर भी अपनी नीतियों को बदलने का दबाव बन रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइल को लेकर क्या कहा है?

जेडी वेंस ने साफ किया कि अमेरिका और इसराइल के हित हर मुद्दे पर एक जैसे नहीं हैं। हितों में अंतर होने पर अमेरिकी सरकार हमेशा अपने नागरिकों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देगी।

ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर इसराइल का क्या रुख है?

ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ एक बड़ा परमाणु समझौता करना चाहता है, लेकिन इसराइल इसके पूरी तरह पक्ष में नहीं है। हाल ही में ट्रंप की सलाह के खिलाफ जाकर इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे।