अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में होने वाली एक बड़ी शांति वार्ता के लिए वाशिंगटन से रवाना हुए हैं. इस यात्रा से पहले उन्होंने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह अमेरिका के साथ “खेल” न करे. वेंस ने उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत का नतीजा सकारात्मक निकलेगा.

ℹ: Saudi Arabia Support for Yemen: सऊदी अरब ने यमन की मदद के लिए उठाया बड़ा कदम, अरबों रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स से मिलेगी आर्थिक मजबूती.

अमेरिका और ईरान की इस वार्ता में क्या खास है?

यह बैठक 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच अब तक की सबसे हाई-लेवल मीटिंग होने जा रही है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन ईरान को सद्भावना दिखानी होगी. अगर ईरान ने कोई चाल चली, तो अमेरिकी टीम कोई ढील नहीं देगी और सख्त रुख अपनाएगी.

ईरान और अन्य देशों की क्या मांगें हैं?

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने लेबनान में संघर्ष विराम और अपनी रुकी हुई संपत्तियों को वापस पाने की शर्त रखी है. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने के खिलाफ चेतावनी दी है. इस बीच, इजरायल ने भी लेबनान में संयम बरतने की बात कही है ताकि वार्ता सफल हो सके.

शांति वार्ता की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
तारीख 10 अप्रैल, 2026
स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
मुख्य मुद्दा संघर्ष विराम और संपत्तियां
जोखिम बातचीत विफल होने पर युद्ध का खतरा
इजरायल की भूमिका लेबनान में संयम बरतने पर सहमति