अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance का इस्लामाबाद दौरा, ईरान विवाद सुलझाने के लिए पाकिस्तान पहुंचेगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जा रहे हैं। इस दौरे का मुख्य मकसद ईरान के साथ चल रहे विवाद को सुलझाना और तनाव को कम करना है। व्हाइट हाउस ने इस यात्रा की पुष्टि कर दी है और यह पूरी बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में होगी।
इस हाई-लेवल मीटिंग में कौन शामिल है और क्यों जा रहे हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जा रहा है। इस टीम में मिडिल ईस्ट के स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और व्हाइट हाउस सलाहकार जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। यह टीम ईरान संघर्ष को रोकने के लिए शांति बातचीत के दूसरे दौर में हिस्सा लेगी। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पाकिस्तान पहुंचेगा और मंगलवार को बैठकें शुरू होंगी।
शांति बातचीत में क्या बड़ी रुकावटें हैं?
ईरान ने बातचीत की मेज पर आने के लिए एक कड़ी शर्त रखी है कि अमेरिका पहले अपनी नेवल नाकेबंदी को पूरी तरह हटाए। वहीं, 20 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना द्वारा एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त किए जाने से मामला और बिगड़ गया है। इसके अलावा, कुछ सूत्रों का दावा है कि उपराष्ट्रपति Vance अभी अमेरिका में ही हैं और उन्होंने पाकिस्तान के लिए उड़ान नहीं भरी है।
पहले की बातचीत और वर्तमान स्थिति क्या है?
इससे पहले 11-12 अप्रैल 2026 के आसपास भी इसी टीम ने इस्लामाबाद का दौरा किया था। उस समय परमाणु हथियारों के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई थी, जिसके कारण पहली बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हुई थी। इस बार की बैठकें 21 अप्रैल को शुरू होंगी और संभव है कि ये बुधवार तक चलें।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य प्रतिनिधि | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| दौरे का उद्देश्य | ईरान शांति वार्ता (दूसरा दौर) |
| संभावित तारीख | 21 और 22 अप्रैल 2026 |
| मुख्य विवाद | परमाणु हथियार और नेवल नाकेबंदी |
| पिछली वार्ता | 11-12 अप्रैल 2026 |
| सूचना स्रोत | व्हाइट हाउस और अल जजीरा |