अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance अपनी एक बड़ी टीम के साथ इस्लामाबाद पहुँच रहे हैं. यहाँ उनका मुख्य मकसद ईरान के साथ शांति वार्ता को दोबारा शुरू करना है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा है कि अमेरिका शांति चाहता है लेकिन उसकी कुछ शर्तें हैं. इस बैठक पर पूरी दुनिया की नज़र है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है.

🗞️: Trump vs Iran: ट्रंप ने कहा ईरान के साथ बातचीत को हैं तैयार, लेकिन चेतावनी दी कि डील नहीं हुई तो तबाह कर देंगे पावर प्लांट

इस्लामाबाद में कब और क्यों हो रही है यह बैठक?

JD Vance और उनके साथ आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का आगमन 20 अप्रैल 2026 को हुआ है. मंगलवार (21 अप्रैल) और बुधवार (22 अप्रैल) को अहम बैठकें तय की गई हैं. यह बातचीत का दूसरा दौर है क्योंकि 11 अप्रैल को हुई पहली मुलाकात में कोई नतीजा नहीं निकला था. इस बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम भी 21 या 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है, जिससे स्थिति और नाजुक हो गई है.

ट्रंप की चेतावनी और ईरान का क्या है रुख?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ़ शब्दों में कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने का कार्यक्रम पूरी तरह बंद करना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर सकता है. वहीं ईरान ने इस बातचीत पर संदेह जताया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में उनके एक जहाज को पकड़ा है जो कि समुद्री डकैती जैसा है. ईरान चाहता है कि बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका समुद्री नाकेबंदी हटाए.

बातचीत और सुरक्षा से जुड़ी मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance
टीम के अन्य सदस्य स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर
बातचीत की जगह इस्लामाबाद, पाकिस्तान
बैठक की तारीख 21 और 22 अप्रैल 2026
पाकिस्तान की भूमिका मध्यस्थ (प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सक्रियता)
सुरक्षा इंतजाम 18,000 से ज्यादा जवान तैनात
मुख्य शर्त ईरान द्वारा परमाणु हथियारों का त्याग
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.