अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance और उनकी पत्नी Usha Vance शनिवार को स्विट्जरलैंड पहुंचे। यहाँ वे ईरान के अधिकारियों के साथ तकनीकी स्तर की बातचीत करेंगे। यह यात्रा हाल ही में साइन हुए 14 पॉइंट्स के एक समझौते (MoU) के बाद हो रही है, जिसका मकसद पश्चिम एशिया में चल रही दुश्मनी और लड़ाई को खत्म करना है।
बातचीत का समय और जगह
यह मीटिंग स्विट्जरलैंड के Bürgenstock में रविवार, 21 जून 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। उपराष्ट्रपति Vance से पहले अमेरिकी वार्ताकार Steve Witkoff और Jared Kushner शनिवार तक ही वहां पहुंच चुके थे। ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi के नेतृत्व में एक बड़ा दल स्विट्जरलैंड जा रहा है।
अमेरिका का सख्त रुख
उपराष्ट्रपति JD Vance ने इस बातचीत को लेकर साफ कहा कि अमेरिका के पास सभी पत्ते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को प्रतिबंधों में राहत तभी मिलेगी, जब वह आतंकवाद को पैसा देना बंद करेगा और परमाणु हथियार न बनाने के अपने वादे को पूरा करेगा। Vance ने यह भी बताया कि शुरुआती समझौते के बाद ईरान की मिलिट्री को नुकसान पहुँचा है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला गया है।
यात्रा में देरी और क्षेत्रीय तनाव
शुरुआत में इस यात्रा का प्लान शुक्रवार, 19 जून 2026 का था, लेकिन व्हाइट हाउस ने लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण इसे टाल दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में दोबारा शुरू हुई लड़ाई की वजह से भी देरी हुई, जिसे ईरान ने समझौते का उल्लंघन माना था। हालांकि, अब अमेरिका और कतर की मदद से वहां युद्धविराम हो गया है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का विवाद
ईरान ने दावा किया था कि इजराइल द्वारा युद्धविराम के नियमों को तोड़े जाने की वजह से वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर देगा। लेकिन US Central Command (CENTCOM) और उपराष्ट्रपति Vance ने इस दावे को गलत बताया। उन्होंने कन्फर्म किया कि यह रास्ता व्यापार के लिए खुला है और पिछले 24 घंटों में यहाँ से 16 मिलियन बैरल तेल गुजरा है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
- स्विट्जरलैंड की सरकार ने इस गुप्त और सुरक्षित बातचीत के लिए Bürgenstock में जगह उपलब्ध कराई है।
- इस समझौते को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साइन किया था।
- बातचीत में International Atomic Energy Agency (IAEA) के प्रमुख Rafael Grossi के शामिल होने की उम्मीद है।
- इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ के तौर पर बड़ी भूमिका निभाई है।
- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामनेई ने कुछ शंकाओं के बावजूद इस समझौते को अपनी मंजूरी दी थी।