अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ़ कहा कि अगर ईरान ने इलाके में अशांति फैलाई, तो राष्ट्रपति Donald Trump के पास जवाब देने के लिए कई रास्ते खुले हैं। अमेरिका अब इस बात पर टिका है कि ईरान अपनी हरकतें सुधारे या फिर उसे भारी कीमत चुकानी होगी।
JD Vance ने बताया कि अमेरिका ईरान के साथ रिश्तों को सुधारने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए ईरान को अपनी कुछ शर्तें माननी होंगी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता और परमाणु हथियार बनाने की अपनी जिद छोड़ देता है, तो अमेरिका उसके साथ नए सिरे से रिश्ता शुरू कर सकता है। इसके लिए पाकिस्तान और कतर की मदद से स्विट्जरलैंड और दोहा में बातचीत भी हुई है।
बातचीत और समझौते की कोशिश
राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच 60 दिनों का एक समझौता (MOU) हुआ है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच लड़ाई को खत्म करना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शुरू करना है।
आर्थिक दबाव की रणनीति
अमेरिका ने ईरान पर फिर से कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। JD Vance ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान अपने मददगार गुटों को समर्थन देना बंद नहीं करता और परमाणु कार्यक्रम को खत्म नहीं करता, तब तक वहां विदेशी निवेश और व्यापार के रास्ते बंद रहेंगे।
सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
सैन्य ताकत के इस्तेमाल पर बात करते हुए Vance ने कहा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई विकल्प हैं और अगर बातचीत नाकाम रही, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी सैन्य ताकत को काफी हद तक कमजोर कर दिया है, जिससे अमेरिका अब ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
हालिया हमले और जवाब
- 27 जून 2026 को ईरान ने Strait of Hormuz में एक कार्गो जहाज M/V Ever Lovely पर ड्रोन हमला किया था।
- इसके जवाब में US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के ड्रोन स्टोरेज और रडार साइट्स पर जोरदार हमले किए।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के इस ड्रोन हमले को एक बड़ी गलती बताया।
उपराष्ट्रपति Vance ने कहा कि अमेरिका बिना वजह बम नहीं गिराएगा, लेकिन अगर ईरान अपनी हदें पार करता है, तो ट्रंप सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
