अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ईरान के साथ बातचीत करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद रवाना हो गए हैं। इस यात्रा का मुख्य मकसद मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को कम करना और शांति के लिए कोई स्थायी समाधान निकालना है। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी इस टीम का हिस्सा हैं। इस बैठक को दुनिया भर में शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

बातचीत में शामिल मुख्य अधिकारी और देश

इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बड़े अधिकारी एक साथ बैठ रहे हैं। पाकिस्तान ने इस बैठक के लिए मेजबान की भूमिका निभाई है।

देश शामिल अधिकारी/प्रतिनिधि
संयुक्त राज्य अमेरिका उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर
ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़लीबाफ़
पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर

बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर होगी चर्चा?

दोनों देशों के बीच कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सहमति बनना मुश्किल हो रहा है। इस बातचीत में मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान दिया जाएगा

  • युद्धविराम की स्थिति: अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था, जो 21 अप्रैल तक चलेगा। हालांकि यह अभी काफी अस्थिर है।
  • लेबनान विवाद: ईरान का कहना है कि लेबनान भी युद्धविराम का हिस्सा है, लेकिन अमेरिका और इज़रायल इस बात को नहीं मान रहे हैं।
  • परमाणु कार्यक्रम: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर कुछ रेड लाइन तय की हैं, जिन्हें मानना ईरान के लिए जरूरी होगा।
  • समुद्री रास्ता: अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खुला रखे ताकि व्यापार में रुकावट न आए।

यात्रा का समय और सुरक्षा इंतजाम

उपराष्ट्रपति JD Vance 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के लिए रवाना हुए हैं और यह वार्ता 11 अप्रैल से शुरू होगी। व्हाइट हाउस ने 8 अप्रैल को ही इस टीम का ऐलान कर दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने सुरक्षा को लेकर कुछ चिंताएं जताई थीं, लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस पूरी टीम की सुरक्षा का ध्यान रख रही है। वेंस ने कहा है कि वह इस बातचीत में कोई बड़ा बदलाव लाने के मकसद से शामिल हुए हैं।