अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे झगड़े को खत्म करने के लिए एक शुरुआती समझौता हुआ है। दोनों देशों ने 18 जून 2026 को एक डिजिटल MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उन्हें अपनी जमा संपत्ति वापस चाहिए, तो उन्हें अपना तरीका बदलना होगा और पूरी तरह नियमों का पालन करना होगा।

व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान JD Vance ने कहा कि अगर ईरान शांति समझौते को मानता है, तो मिडिल ईस्ट में उसके रिश्तों में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए भी एक फायदे का सौदा बताया। वेंस ने यह भी कहा कि युद्ध की वजह से ईरान की सैन्य और परमाणु ताकत खत्म हो चुकी है, जिससे वह काफी कमजोर हो गया है। अब ईरान के पास अपना व्यवहार सुधारने का एक मौका है।

समझौते की मुख्य बातें

  • हस्ताक्षर: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस MoU पर डिजिटल साइन किए हैं।
  • समय सीमा: यह कोई अंतिम समझौता नहीं है, बल्कि 60 दिनों की बातचीत की शुरुआत है।
  • Strait of Hormuz: ईरान ने इस समुद्री रास्ते को तुरंत खोलने और 30 दिनों के भीतर ट्रैफिक को पहले जैसा करने का वादा किया है। अगले 60 दिनों तक यहाँ से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • प्रतिबंध: अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी शर्तों को मानता है, तो अमेरिका धीरे-धीरे उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटा लेगा।

इस बीच, राष्ट्रपति Donald Trump ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर देगा। उन्होंने इसे ‘Fake News’ कहा और साफ़ किया कि ईरान इस बात पर राजी हुआ है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो बमबारी फिर से शुरू हो सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.