US War Secretary का बड़ा बयान, ईरान के बंदरगाहों पर अनिश्चित काल तक जारी रहेगी नौसेना की नाकाबंदी.

अमेरिकी युद्ध सचिव Pete Hegseth ने 13 अगस्त 2026 को यह पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना के पास ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसेना की नाकाबंदी को अनिश्चित काल तक बनाए रखने की पूरी रसद क्षमता मौजूद है। पनामा में यूएसएस ग्रिडले के चालक दल को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना क्षेत्र में जहाजों को समय-समय पर बदलकर इस मिशन को लंबे समय तक आसानी से चला सकती है। यह नाकाबंदी फरवरी 2026 में हुए अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए तनाव के कारण लागू की गई थी, जिसके बाद तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर दिया था। राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 अगस्त को इस सैन्य अभियान को स्टील की दीवार बताया था और इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया था।
व्यापारिक जहाजों पर निगरानी और अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने अब तक इस क्षेत्र में 55 से अधिक व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रूप से दूसरे रास्तों पर भेजा है और घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश करने वाले कई जहाजों को नाकाम कर दिया है। इसके बावजूद ईरान लगातार इस बात पर अड़ा हुआ है कि जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कोई नियंत्रण नहीं है और जब तक उनकी शर्ते नहीं मानी जाती हैं, तब तक यह रास्ता बंद ही रहेगा। इस लंबी सैन्य गतिविधि के कारण अमेरिका को भारी वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई के अंत तक इस संघर्ष की कुल लागत लगभग 37.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुकी है। युद्ध सचिव हेगसेथ ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वर्तमान नाकाबंदी अमेरिकी नौसेना की क्षमता के केवल 10 प्रतिशत हिस्से पर काम कर रही है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि यदि जरूरत पड़ी तो वाशिंगटन ईरान की ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे पर सैन्य दबाव और अधिक बढ़ा सकता है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ANI News के माध्यम से देख सकते हैं। खाड़ी देशों में चल रहे इस तनाव का असर दुनिया भर के व्यापार और यात्रा पर भी पड़ रहा है। इस संबंध में अन्य अपडेट्स के लिए आप ANI World Category पर जा सकते हैं।