अमेरिका और भारत के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ शब्दों में कह दिया है कि भारत ईरान से तेल लाने के लिए अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन नहीं कर सकता. इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

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अमेरिका की भारत को सीधी चेतावनी

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भारतीय विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar से बातचीत के दौरान यह बात कही. Rubio ने साफ किया कि अमेरिका भारत को अवैध रूप से ईरानी तेल ले जाने की अनुमति नहीं देगा. उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि नाकेबंदी तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

भारतीय नाविकों की मौत और भारत का विरोध

इस विवाद के बीच भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. Gulf of Oman में अमेरिकी सेना ने तेल टैंकरों पर हमले किए थे, जिनमें 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई. इस घटना के बाद भारत ने एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और कड़ा विरोध जताया. विदेश मंत्री Jaishankar ने भी Marco Rubio से बात कर इस हमले पर नाराजगी जाहिर की.

समुद्री नाकेबंदी और सेना की कार्रवाई

US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी पूरी तरह लागू है और अमेरिकी सेना इसे सख्ती से लागू कर रही है. हाल ही में नियमों का पालन न करने के कारण तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया गया. इसके अलावा, 13 जून को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई हमलावर ड्रोन को भी हवा में ही मार गिराया, जो कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे.

तेल आयात के पुराने नियम

बता दें कि इससे पहले 20 मार्च 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (OFAC) ने ईरान जनरल लाइसेंस U जारी किया था. इसके तहत 19 अप्रैल 2026 तक ईरानी कच्चे तेल के लेन-देन की अस्थायी छूट दी गई थी ताकि दुनिया भर में तेल की कीमतों को स्थिर रखा जा सके. लेकिन अब अमेरिका इस मामले में कोई ढील देने के मूड में नहीं है.