अमेरिका ने चीन के बैंकों को एक बड़ी चेतावनी दी है। अगर चीनी बैंक ईरान के पैसों का लेन-देन कराते हैं, तो उन पर कड़े सैंक्शन लगाए जाएंगे। यह चेतावनी सिर्फ चीन के लिए नहीं, बल्कि UAE, ओमान और हांगकांग के बैंकों के लिए भी है। अमेरिकी खजाना सचिव Scott Bessent ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अमेरिकी खजाना विभाग ने किन देशों और बैंकों को चेतावनी दी है?

अमेरिकी खजाना सचिव Scott Bessent ने बताया कि उन्होंने चीन के दो बैंकों को पहले ही पत्र भेज दिए हैं। इसमें साफ लिखा है कि अगर उनके खातों से ईरान का पैसा गया, तो उन पर सेकेंडरी सैंक्शन लगाए जाएंगे। इसके अलावा UAE, ओमान और हांगकांग के वित्तीय संस्थानों को भी इस खतरे के बारे में सूचित किया गया है। अमेरिका अब उन सभी बैंकों पर नजर रख रहा है जो ईरान के साथ व्यापार कर रहे हैं।

ईरान के खिलाफ अमेरिका ने क्या कार्रवाई की है?

अमेरिका ने केवल चेतावनी नहीं दी है, बल्कि कई लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं। तेल तस्करी और हेज़बोल्लाह की मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं।

लक्ष्य विवरण
Mohammad Hossein Shamkhani ईरानी तेल व्यापारी, पेट्रोलियम निर्यात का मुख्य जरिया
Seyed Naiemaei Badroddin Moosavi तेल तस्करी और सोने के ट्रांसफर के जरिए हेज़बोल्लाह की मदद
लेन-देन की राशि 2024 में शेल कंपनियों के जरिए करीब 9 बिलियन डॉलर का ट्रांजेक्शन
मिलिट्री एक्शन ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी लागू

चीन और अमेरिका के बीच क्या बातचीत हुई है?

राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि चीन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह ईरान को हथियार नहीं देगा। यह बात राष्ट्रपति Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच पत्रों के जरिए हुई है। हालांकि, खजाना विभाग ने साफ कहा है कि वह अपने सभी उपलब्ध टूल्स का इस्तेमाल करेगा ताकि ईरान की आर्थिक मदद को रोका जा सके। खाड़ी देशों के सहयोगी भी अब ईरान के नेताओं से जुड़े बैंक खातों की जानकारी साझा कर रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.