अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की कोशिश न करे। अमेरिका ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को रोकना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसे आत्मरक्षा नहीं माना जाएगा।

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यह मामला 2 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक इमरजेंसी मीटिंग में सामने आया। यह मीटिंग बहरीन की मांग पर बुलाई गई थी क्योंकि हाल ही में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर हमले किए थे और समुद्री जहाजों को परेशान किया था।

अमेरिका का सख्त रुख

अमेरिका के दूत Mike Waltz ने मीटिंग में कहा कि अगर ईरान ने शिपिंग को बाधित किया, तो अमेरिका ईरान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने ईरान की इस हरकत को दुनिया को ब्लैकमेल करने की एक साजिश बताया। Waltz ने यह भी चेतावनी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सहनशीलता की एक सीमा है और वह हमेशा के लिए नहीं चलेगी।

आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर असर

अमेरिका के अनुसार, अगर यह जलमार्ग बंद होता है तो दुनिया के 61 विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। Waltz ने बताया कि चीन समेत 143 देश ईरान द्वारा लगाए जाने वाले ट्रांजिट फीस का विरोध कर रहे हैं और इसे गैरकानूनी मानते हैं।

ईरान की प्रतिक्रिया और चेतावनी

दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि यह जलमार्ग उसकी संप्रभुता का हिस्सा है। ईरान की मिलिट्री कमांड ने चेतावनी दी है कि सभी तेल टैंकरों को उनके बताए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा, वरना उन्हें तुरंत और सख्त जवाब दिया जाएगा। ईरान के प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने ऐलान किया कि अगस्त 2026 के मध्य से जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाई जाएगी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे समझौते के मुताबिक 30 दिनों के भीतर जलमार्ग को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।

हमले और शांति की कोशिशें

जून के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव काफी बढ़ गया था। अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद 8 अमेरिकी सैन्य साइट्स पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। हालांकि, 17 जून 2026 को दोनों देशों ने एक समझौता (MoU) किया था ताकि तनाव कम हो और समुद्री रास्ते खुले रहें। फिलहाल कतर की मध्यस्थता में दोहा में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।