अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ़ शब्दों में चेतावनी दी है कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। इसी बीच कुवैत में ईरानी कनेक्शन वाले संदिग्धों की गिरफ्तारी ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।

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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियारों को लेकर क्या विवाद है?

13 मई 2026 को उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत में तरक्की कर रहा है, लेकिन मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न आएं। उन्होंने साफ़ किया कि इसके लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस “रेड लाइन” के मुताबिक है, जिसे पार करना ईरान के लिए भारी पड़ सकता है।

इस मामले में अमेरिकी एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने एक डराने वाली बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान यूरेनियम को शुद्ध करने के बहुत करीब पहुंच चुका है और वेपन्स-ग्रेड यूरेनियम बनाने में अब बस कुछ हफ़्तों का समय बचा है। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने 12 मई को कहा था कि उनका एकमात्र मकसद ईरान को परमाणु ताकत बनने से रोकना है, चाहे इसके लिए कोई भी कदम उठाना पड़े।

Kuwait में घुसपैठ और ईरान का पलटवार

कुवैत के गृह मंत्रालय ने 12 और 13 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने समुद्र के रास्ते कुवैत के बुबयान आइलैंड में घुसने की कोशिश की थी। कुवैत सरकार का आरोप है कि ये लोग वहां किसी “दुश्मनी वाली गतिविधि” को अंजाम देने आए थे। इस झड़प में एक कुवैती सैनिक भी घायल हुआ है।

कुवैत ने इस घटना पर ईरान के खिलाफ आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है और यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 का हवाला देते हुए अपनी रक्षा का अधिकार जताया है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। ईरान का कहना है कि वे लोग सिर्फ समुद्री कर्मचारी थे जिनका नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया था, इसलिए वे गलती से कुवैत के पानी में चले गए।

बाकी देशों की भूमिका और मौजूदा स्थिति

  • इसराइल: अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर नज़र रख रहा है और किसी भी ऐसी डील का विरोध कर रहा है जिसमें ईरान को ढील मिले।
  • पाकिस्तान: अप्रैल 2026 में अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच युद्धविराम कराने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई थी।
  • चीन: राष्ट्रपति ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने जा रहे हैं, जहाँ इस पूरे विवाद पर चर्चा होने की उम्मीद है।
  • ईरान की धमकी: ईरान के संसदीय प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने फिर हमला किया, तो वे अपने यूरेनियम की शुद्धता को 90% तक ले जाएंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान परमाणु हथियार बनाने के कितने करीब है?

अमेरिकी एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट के मुताबिक, ईरान वेपन्स-ग्रेड यूरेनियम बनाने के बहुत करीब है और इसमें अब बस कुछ हफ़्तों का समय लग सकता है।

कुवैत में क्या घटना हुई है?

कुवैत ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने समुद्र के रास्ते बुबयान आइलैंड में घुसपैठ की कोशिश की थी।