Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बहुत बढ़ गई है। US Secretary of State Marco Rubio ने साफ कर दिया है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल या पैसा नहीं वसूल सकता। यह रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत जरूरी है और इसे बंद करने या पैसे मांगने की कोशिशों को वॉशिंगटन बिल्कुल स्वीकार नहीं करेगा।
ईरान टोल क्यों वसूलना चाहता है और अमेरिका का क्या कहना है?
ईरान की संसद फिलहाल एक ऐसा कानून तैयार कर रही है जिससे Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता देने के बदले फीस ली जा सके। खबरों के मुताबिक, अभी भी अनौपचारिक तौर पर जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की मांग की जा रही है।
- US Secretary of State Marco Rubio ने सोमवार को कहा कि ईरान का यह दावा पूरी तरह गलत है क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है।
- US President Donald Trump ने भी 10 अप्रैल को ईरान को चेतावनी दी थी कि जहाजों से टोल वसूलना तुरंत बंद किया जाए।
- ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Seyyed Mojtaba Hosseini Khamenei ने कहा था कि इस रास्ते का मैनेजमेंट अब नए दौर में जाएगा और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
इस विवाद का असर दुनिया और Gulf देशों पर क्या पड़ेगा?
यह मामला सिर्फ दो देशों का नहीं है बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर पड़ रहा है। 28 फरवरी 2026 से यह रास्ता काफी हद तक बंद है, जिसकी वजह से वैश्विक तेल व्यापार प्रभावित हुआ है।
- Oman ने ईरान के इस टोल प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) इसके खिलाफ है।
- Bahrain संयुक्त राष्ट्र में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि जलमार्गों पर ईरान और हूतियों के नियंत्रण को रोका जा सके।
- फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि अगर टोल की अनुमति मिली तो यह एक गलत मिसाल बन जाएगी।
- अमेरिका की तेल इंडस्ट्री ने राष्ट्रपति Trump से अपील की है कि वे इस टोल को रोकें वरना भविष्य में बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं।