अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी अधिकारियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि परमाणु समझौते के लिए अब समय खत्म हो रहा है। व्हाइट हाउस ने इस संदेश की पुष्टि की है और कहा है कि ईरान ने बातचीत में बहुत ज्यादा देरी कर दी है। इसी बीच दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें भी तेज हो गई हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह सुरक्षा स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौते में देरी करने की बड़ी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने एक बेहतरीन डील का मौका गंवा दिया है और बातचीत के लिए बहुत लंबा इंतजार किया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान केवल बातें कर रहा है और काम कम कर रहा है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर ईरान ने बातचीत में देरी की तो अमेरिका उसके बिजलीघरों और पुलों पर और भी हमले कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, दोनों देश समझौते के बेहद करीब थे लेकिन ईरान चालें चल रहा था।

सैन्य तनाव और हमलों में क्यों आई तेजी?

हाल ही में 8 जून 2026 को ईरान द्वारा अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियों और रडार ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। जॉर्डन ने पुष्टि की है कि उसने अपनी सीमा में आने वाली 5 मिसाइलों को मार गिराया। इन हमलों के कारण क्षेत्र में चल रहा दो महीने का नाजुक संघर्ष विराम भी खतरे में पड़ गया है। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर एक गुप्त मिशन भी चलाया है।

ईरान और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वाशिंगटन उनके इरादों की परीक्षा ले रहा है और उनकी सेना किसी भी हमले का करारा जवाब देगी। ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिका पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे समझौते पर अपनी स्थिति की समीक्षा करेंगे। इस बीच कतर की एक मध्यस्थ टीम समझौते की कोशिशों के लिए तेहरान पहुंची है ताकि बातचीत को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। दूसरी तरफ अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी अमेरिका समर्थित एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें ईरान से अपने यूरेनियम भंडार की घोषणा करने और जांच की अनुमति देने को कहा गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?

दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन ईरान द्वारा समझौते में देरी करने और दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य हमलों के बाद यह तनाव बढ़ गया है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत में देरी हुई तो वे ईरान के बिजलीघरों और पुलों पर अतिरिक्त हवाई हमले करने के आदेश दे सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.