अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के समुद्र में अपने 20 से ज़्यादा युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इससे पहले 7 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के 80 से ज़्यादा ठिकानों पर जोरदार हमले किए थे।

CENTCOM ने पुष्टि की है कि इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइट्स और IRGC की 60 से ज़्यादा छोटी नावों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने के लाइसेंस को रद्द कर दिया है, जिससे वहां पर लगे प्रतिबंध और कड़े हो गए हैं। इससे पहले 1 जुलाई को बहरीन में 12 देशों के साथ एक सुरक्षा बैठक भी की गई थी।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन कमर्शियल जहाजों—M/T Al Rekayyat, M/T Wedyan और M/T Cyprus Prosperity पर हमला किया था। अमेरिका ने इसे बिना वजह किया गया हमला और 17 जून के ceasefire समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 8 जुलाई को कहा कि अगर आदेश मिलता है तो सेना आज रात ही ईरान पर हमला कर सकती है। राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कहा कि ईरान बहुत बुरा व्यवहार कर रहा है और उसे परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।

जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने 8 जुलाई को बहरीन के Bandar Salman और कुवैत के Ali Al Salem एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को भी मार गिराया और चेतावनी दी कि इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। वहीं, NATO के महासचिव Mark Rutte ने अमेरिकी हमलों का समर्थन किया और कहा कि ईरान द्वारा समझौते के उल्लंघन के बाद ये हमले बिल्कुल जरूरी थे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.