अमेरिका और ईरान के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए किसी भी तरह का शांति समझौता नहीं हुआ है। व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया में चल रही इन खबरों को पूरी तरह से झूठ और मनगढ़ंत करार दिया है। इससे पहले ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच एक शांति समझौता तैयार हो गया है, जिसके तहत अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा। हालांकि, अब अमेरिका ने इस पर साफ इनकार कर दिया है और लोगों से ऐसी खबरों पर भरोसा न करने की अपील की है।

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व्हाइट हाउस और अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी किया गया कथित समझौता ज्ञापन (MOU) पूरी तरह से झूठ है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि होरमुज़ जलडमरूमध्य को खोलने और संघर्षविराम को बढ़ाने को लेकर चल रही बातचीत में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इस बात को लेकर आश्वस्त दिखे कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए कोई समझौता हो जाएगा। इस बीच अमेरिकी सीनेटर Mark Warner ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर राष्ट्रपति की आलोचना भी की है।

ईरानी मीडिया ने क्या दावा किया था और बातचीत में कौन से देश शामिल हैं?

ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया था कि एक समझौते के तहत अमेरिका क्षेत्र से अपनी सेना हटाएगा और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करेगा, जिसके बदले में ईरान एक महीने के भीतर व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को सामान्य कर देगा। इस बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसे चीन का भी समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा ओमान भी ईरान के साथ जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए नियमों पर चर्चा कर रहा है। हालांकि, ईरान के सुरक्षा अधिकारी Ali Bagheri ने भी स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई शांति समझौता हुआ है?

नहीं, व्हाइट हाउस और ईरानी सुरक्षा अधिकारियों दोनों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट पूरी तरह से मनगढ़ंत है।

इस बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

इस बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसे चीन का समर्थन हासिल है। इसके अलावा ओमान भी सुरक्षित जहाज संचालन पर बातचीत कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.