अमेरिका और जर्मनी के रिश्तों में बड़ी खटास देखने को मिल रही है। पेंटागन ने ऐलान किया है कि वह जर्मनी से अपने करीब 5,000 सैनिकों को वापस बुला रहा है। यह फैसला ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूरोपीय सहयोगियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है। इस कदम से पश्चिमी देशों के सुरक्षा गठबंधन में हलचल मच गई है।

अमेरिका ने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला क्यों किया?

पेंटागन ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को यह जानकारी दी कि यूरोप में अपनी सैन्य तैनाती की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिना नाम बताए बताया कि जर्मनी की तरफ से ईरान युद्ध को लेकर दिए गए बयान अनुचित और गैर-मददगार थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी यूरोपीय देशों पर ईरान संघर्ष में कम समर्थन देने का आरोप लगा चुके थे और सेना घटाने की चेतावनी दी थी।

जर्मनी और NATO की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

जर्मन रक्षा मंत्री Boris Pistorius ने शनिवार को कहा कि अमेरिका का यह फैसला पहले से ही अंदाज़ा लगाया जा सकता था। उन्होंने जोर दिया कि अब यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेनी होगी। वहीं NATO की प्रवक्ता Allison Hart ने पुष्टि की कि संगठन अमेरिका के साथ मिलकर इस फैसले की बारीकियों को समझने की कोशिश कर रहा है। NATO ने यह भी कहा कि यह स्थिति यूरोप के लिए अपनी डिफेंस इन्वेस्टमेंट बढ़ाने का संकेत है।

सैनिकों की वापसी से क्या बदलाव आएंगे?

  • जर्मनी से एक ब्रिगेड कॉम्बैट टीम को वापस बुलाया जाएगा।
  • एक लॉन्ग-रेंज फायर्स बटालियन की तैनाती का प्लान रद्द कर दिया गया है।
  • इस पूरी प्रक्रिया को अगले 6 से 12 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
  • इस कदम के बाद यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 2022 से पहले के स्तर पर आ जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका जर्मनी से कितने सैनिक वापस बुला रहा है?

अमेरिका जर्मनी से लगभग 5,000 सैनिकों को वापस बुला रहा है, जिसमें एक ब्रिगेड कॉम्बैट टीम शामिल है।

सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया में कितना समय लगेगा?

पेंटागन के अनुसार, सैनिकों की वापसी का यह काम अगले 6 से 12 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.