अमेरिका ने मिडिल ईस्ट देशों की सुरक्षा के लिए अपने Patriot मिसाइल सिस्टम को और मजबूत करने का फैसला किया है. अब इन डिफेंस सिस्टम को मोबाइल ट्रक पर तैनात किया जा रहा है ताकि इन्हें आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके. यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित हमलों को रोकने के लिए उठाया गया है.

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Patriot मिसाइल सिस्टम में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

अमेरिकी सेना अब Patriot मिसाइल बैटरी को भारी टैक्टिकल ट्रकों पर स्थापित कर रही है. इस बदलाव से सिस्टम को मोबाइल बनाया गया है ताकि दुश्मन के हमलों से बचा जा सके और जरूरत पड़ने पर इन्हें तुरंत शिफ्ट किया जा सके. मार्च 2026 में यूरोप से बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलों को मिडिल ईस्ट भेजा गया और दक्षिण कोरिया से भी बैटरी शिफ्ट करने पर विचार किया गया.

सऊदी अरब और अन्य देशों की सुरक्षा की क्या स्थिति है?

अमेरिका ने सऊदी अरब को लगभग 9 बिलियन डॉलर के Patriot PAC-3 MSE इंटरसेप्टर बेचने की मंजूरी दी है. इसके अलावा जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और कतर में एडवांस THAAD और Patriot बैटरी तैनात की गई हैं. वहीं पोलैंड ने अपने सिस्टम मिडिल ईस्ट भेजने से इनकार कर दिया है.

समय/देश अपडेट
फरवरी 2026 कतर के अल उदेद एयर बेस पर मोबाइल Patriot सिस्टम तैनात
मार्च 2026 यूरोप से मिसाइलों का मिडिल ईस्ट की ओर ट्रांसफर
जनवरी-फरवरी 2026 सऊदी अरब को 9 बिलियन डॉलर की मिसाइल डील
अप्रैल 2026 पोलैंड ने सिस्टम भेजने से किया इनकार