अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए ‘Economic Fury’ नाम का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में ईरान के गुप्त बैंकिंग नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाले पैसों के लेन-देन को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि इस कदम से आतंकवाद के लिए इस्तेमाल होने वाले अरबों डॉलर की फंडिंग को रोक दिया गया है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या बड़े कदम उठाए हैं?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने ईरान के बैंकिंग सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए कई कड़े फैसले लिए हैं। 28 और 29 अप्रैल 2026 को ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़ी 35 संस्थाओं और लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए। इसके अलावा, अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। इस अभियान के तहत ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ की 40 शिपिंग कंपनियों और तेल टैंकरों को भी टारगेट किया गया है, ताकि हथियारों की खरीद और प्रॉक्सी समूहों की फंडिंग को रोका जा सके।

ईरान की आर्थिक स्थिति और नुकसान का पूरा ब्योरा

इस आर्थिक दबाव का असर तेहरान में साफ दिख रहा है, जहाँ महंगाई दोगुनी हो गई है और ईरानी मुद्रा की कीमत तेजी से गिरी है। नीचे दी गई टेबल में इस अभियान के मुख्य वित्तीय प्रभावों को देखा जा सकता है:

विवरण डेटा/प्रभाव
प्रतिबंधित संस्थाएं और व्यक्ति 35
फ्रीज की गई क्रिप्टोकरेंसी 344 मिलियन डॉलर
प्रतिबंधित शिपिंग कंपनियां/टैंकर 40
संभावित दैनिक राजस्व नुकसान 170 मिलियन डॉलर
तेहरान में महंगाई दोगुनी हो गई
लक्षित चीनी रिफाइनरी हेंगली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी
कानूनी आधार E.O. 13902 और E.O. 13224

भविष्य की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय असर

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि रूसी और ईरानी तेल आयात के लिए दी गई छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इससे ईरान को अपने तेल कुओं को बंद करना पड़ सकता है क्योंकि खारग द्वीप का स्टोरेज अब भरने वाला है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए एक नया शांति प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि इस तनाव को कम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Economic Fury अभियान का मुख्य मकसद क्या है?

इसका मुख्य मकसद ईरान के गुप्त बैंकिंग नेटवर्क, क्रिप्टो एक्सेस और शैडो फ्लीट को खत्म करना है ताकि आतंकवाद और मिसाइल प्रोग्राम के लिए होने वाली फंडिंग को रोका जा सके।

क्या इस कार्रवाई से ईरान के तेल व्यापार पर असर पड़ेगा?

हाँ, अमेरिका ने तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लगाए हैं और छूट खत्म करने की बात कही है, जिससे ईरान को प्रतिदिन 170 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है और उसके तेल कुएं बंद हो सकते हैं।