अमेरिका का बड़ा कदम, ICC की अध्यक्ष टोमोको अकाने पर लगाया कड़ा प्रतिबंध.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय यानी ICC की अध्यक्ष और जापानी न्यायाधीश टोमोको अकाने के ऊपर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मंगलवार को इस बात की पूरी जानकारी साझा की गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। यह पूरा मामला हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की बढ़ती हुई सख्त कार्रवाई का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो लंबे समय से अदालत के फैसलों और कार्यप्रणाली से नाराज चल रहा था।
अमेरिका और ICC के बीच क्यों चल रहा है विवाद
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय यानी ICC के उन तमाम कदमों का विरोध करता आ रहा है जिनके तहत इजराइल और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े संवेदनशील मामलों की जांच की जा रही है या फिर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। वाशिंगटन प्रशासन ने खासतौर पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। इन दोनों बड़े नेताओं के ऊपर गाजा पट्टी में कथित युद्ध अपराधों को अंजाम देने के गंभीर आरोप तय किए गए हैं, जिस पर अदालत अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही थी।
इसके अलावा अमेरिका अफगानिस्तान की धरती पर अमेरिकी सैन्यकर्मियों द्वारा किए गए कथित अपराधों की आईसीसी जांच का भी खुलकर विरोध करता रहा है। अमेरिका इस बात पर अड़ा हुआ है कि वह खुद इस न्यायालय का सदस्य नहीं है और उसका साफ कहना है कि इस अदालत को उन देशों के नागरिकों के ऊपर अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने का कोई हक नहीं है जिन्होंने रोम संविधि को स्वीकार नहीं किया है। अमेरिका का यह भी मानना है कि गैर-सदस्य देशों पर इस तरह की कानूनी कार्रवाई करना पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
नए प्रतिबंधों का क्या होगा असर
लगाए गए इन नए प्रतिबंधों के दायरे में आने के बाद टोमोको अकाने की अमेरिका की सीमा के भीतर मौजूद तमाम संपत्तियां और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक उनकी सीधी पहुंच बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से यह कोई पहला मौका नहीं है जब ऐसा सख्त कदम उठाया गया हो, बल्कि इससे पहले भी आईसीसी के कई अन्य अधिकारियों और सम्मानित न्यायाधीशों पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।
आपको बता दें कि टोमोको अकाने ने इसी साल यानी मार्च 2024 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी। अमेरिकी दबाव के बावजूद न्यायालय की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि वे किसी भी बाहरी दबाव में आए बिना अपना स्वतंत्र रूप से कामकाज आगे भी पूरी ईमानदारी के साथ जारी रखेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद वैश्विक अदालत और महाशक्ति अमेरिका के बीच का यह टकराव आने वाले दिनों में और ज्यादा गहरा सकता है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और न्याय व्यवस्था पर पड़ना तय माना जा रहा है।