अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खत्म होने की उम्मीद है. पाकिस्तान इस मामले में दोनों देशों के बीच बीच-बचाव कर रहा है और विश्वास जताया है कि जल्द ही एक समझौते पर मुहर लग जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपनी सैन्य कार्रवाई में ब्रेक लगाया है जिससे शांति की उम्मीद बढ़ गई है.
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की क्या स्थिति है?
6 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे सैन्य अभियान ‘Project Freedom’ को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया. ट्रंप ने बताया कि ईरान के साथ एक अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश एक पन्ने के सहमति पत्र (MoU) के करीब हैं. इस समझौते में मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चा होगी:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना.
- अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना.
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को सुलझाना.
हालांकि ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान सहमत नहीं होता है तो सैन्य हमलों की तीव्रता को और बढ़ाया जा सकता है.
पाकिस्तान ने इस शांति प्रक्रिया में क्या भूमिका निभाई?
पाकिस्तान इस पूरे विवाद में एक मददगार की भूमिका निभा रहा है. 7 मई 2026 को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समझौता जल्द से जल्द हो जाएगा. उन्होंने साफ किया कि समझौता चाहे कहीं भी हो, पाकिस्तान उसका स्वागत करेगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ‘Project Freedom’ को रोकने के फैसले का स्वागत किया और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी बताया. इससे पहले 11-12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की पहली दौर की बातचीत भी हुई थी.
अन्य देशों और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?
ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना और स्थायी शांति लाना है. ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया कि तेहरान केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा. वहीं दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि उनका देश हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. इस मामले में चीन ने भी युद्धविराम और जलमार्ग खोलने की अपील की है जबकि फ्रांस ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी हटाने की वकालत की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ‘Project Freedom’ को क्यों रोका?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 मई 2026 को ईरान के साथ बातचीत में हुई प्रगति के कारण इस सैन्य अभियान को रोका ताकि एक अंतिम और पूर्ण समझौते तक पहुंचा जा सके.
पाकिस्तान इस पूरे मामले में क्या भूमिका निभा रहा है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है. उसने पहले बातचीत की मेजबानी की और अब दोनों देशों के बीच संवाद का चैनल बना हुआ है.