अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी और इजरायली सेना ने मिलकर ईरान के 80 प्रतिशत मिसाइल लॉन्च साइट्स और प्लेटफॉर्म को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप के अनुसार अब ईरान के पास केवल 20 प्रतिशत सैन्य बुनियादी ढांचा ही बचा है। यह सैन्य कार्रवाई 28 फरवरी 2026 से जारी है और इसे तय समय से आगे बताया जा रहा है। इस युद्ध का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में देखा जा रहा है जहाँ रहने वाले प्रवासियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

🚨: Donald Trump Iran Statement: ईरान के साथ युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान, इसे बताया बहुत कम समय का अभियान

युद्ध की वर्तमान स्थिति और सैन्य आंकड़े क्या हैं?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के एडमिरल ब्रॉड कूपर ने रिपोर्ट दी है कि ईरान की ओर से होने वाले हमलों में भारी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की नौसेना और हवाई सुरक्षा को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। फिलहाल Mojtaba Khamenei के नेतृत्व में ईरानी शासन बना हुआ है लेकिन अमेरिकी सेना लगातार दबाव बनाए हुए है।

प्रवासियों और तेल की कीमतों पर क्या असर होगा?

इस संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा गया है और आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो गया है।

क्षेत्र वर्तमान प्रभाव
कच्चा तेल कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची
हवाई उड़ानें दुबई और अबू धाबी में 10,000 से ज्यादा फ्लाइट रद्द
अमेरिकी वीज़ा सऊदी अरब में वीज़ा अपॉइंटमेंट सस्पेंड किए गए
पेट्रोल की कीमत अमेरिका में प्रति गैलन 27 सेंट की बढ़ोतरी

सुरक्षा और भविष्य की योजना

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वे जलमार्ग सुरक्षित करने के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण करने के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि वहां से होने वाला व्यापार लगभग रुक गया है। सऊदी अरब में मौजूद प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए हमले में एक अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि भी की गई है। अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने के आदेश दिए हैं। सुरक्षा कारणों से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।