अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता होने की संभावना है। खबरों के मुताबिक, एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है जिसमें ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर वापस करने की बात कही गई है। इस डील से न केवल पैसों का लेन-देन होगा, बल्कि मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा भी कम हो सकता है।
समझौते की बड़ी बातें और पैसों का हिसाब
तैयार किए गए इस ड्राफ्ट में कुल 14 पॉइंट शामिल हैं। इसमें सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका ईरान के जमा किए गए 24 अरब डॉलर छोड़ेगा। शर्त यह है कि बातचीत शुरू होने से पहले ही इस रकम का आधा हिस्सा ईरान को दे दिया जाए। इसके अलावा, तेल और पेट्रोकेमिकल बेचने पर लगे प्रतिबंधों को भी हटाया जाएगा ताकि ईरान अपनी अर्थव्यवस्था को संभाल सके।
अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का प्लान भी पेश करेंगे।
| विवरण | राशि या समय सीमा |
|---|---|
| फ्रीज की गई संपत्ति | 24 अरब डॉलर |
| पुनर्निर्माण फंड | 300 अरब डॉलर |
| समुद्री नाकेबंदी हटाने का समय | 30 दिन |
| हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने का समय | 30 दिन |
| अंतिम बातचीत की समय सीमा | 60 दिन |
| ड्राफ्ट के कुल पॉइंट्स | 14 |
युद्ध विराम और सैन्य शर्तें
इस समझौते के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने की बात कही गई है। अमेरिका ने वादा किया है कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा और उसकी संप्रभुता का सम्मान करेगा।
- समुद्री नाकेबंदी को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह हटाया जाएगा।
- ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना को वापस बुलाया जाएगा।
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को 30 दिनों में फिर से खोला जाएगा।
परमाणु मुद्दे और बातचीत का समय
परमाणु मुद्दों और प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। हालांकि, इस बातचीत में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और प्रतिरोध समूहों के समर्थन पर कोई चर्चा नहीं होगी। इस पूरे समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के जरिए मंजूर किया जाना जरूरी होगा।
नेताओं और अधिकारियों के बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि उन्होंने ईरान पर होने वाले हमलों को रद्द कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस डील के आखिरी पॉइंट्स पर अमेरिका, इजराइल, सऊदी अरब, UAE, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और मिस्र जैसे देशों की सहमति बन गई है।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि ड्राफ्ट लगभग तैयार है, लेकिन अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। वहीं ईरान के संसद प्रमुख मोहम्मद बाक़र गालिबाफ ने चेतावनी दी कि गलत रणनीतियों से हालात और बिगड़ सकते हैं।
