अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी अब खत्म होती दिख रही है। दोनों देशों के बीच एक शांति समझौता हुआ है और Oman ने इस फैसले का पूरा समर्थन किया है। इस खबर से समुद्री रास्तों, खासकर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही फिर से आसान होगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस डील की जानकारी दी है। उन्होंने Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के फिर से खोलने और ईरान के बंदरगाहों पर लगी नौसेना की पाबंदी हटाने का आदेश दिया है। ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने भी इस MOU की पुष्टि की है और बताया कि पाबंदी हटाने का काम रविवार रात से शुरू हो गया है।
यह समझौता 19 जून 2026 को Switzerland में आधिकारिक तौर पर साइन किया जाएगा। इस बीच, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि खाड़ी (Gulf) में जहाजों के आने-जाने का काम ईरान और Oman मिलकर संभालेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस समझौते में अहम भूमिका निभाई और सभी सैन्य अभियानों को रोकने का ऐलान किया।
इस डील के बाद समुद्री रास्तों पर फंसे करीब 20,000 नाविकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। International Maritime Organization (IMO) और International Chamber of Shipping (ICS) ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि अब नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।
समझौते की जरूरी शर्तें
- अगले 60 दिनों तक युद्धविराम (ceasefire) रहेगा ताकि बड़े मुद्दों पर बात हो सके।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों पर बातचीत होगी।
- ईरान ने मांग की है कि उसके फ्रीज किए गए एसेट्स को वापस किया जाए।
- ईरान ने कहा है कि वह 60 दिनों तक जहाजों को बिना टोल के रास्ता देगा, हालांकि वह समुद्री सेवाओं के लिए फीस लेने का अधिकार रखता है।
इस समझौते के बावजूद Israel के डिफेंस मिनिस्टर ने साफ कर दिया है कि उनकी सेना Lebanon, Syria और Gaza में अनिश्चित काल तक बनी रहेगी। फिलहाल जहाजों के मालिक आधिकारिक साइनिंग और माइन क्लियरेंस के काम का इंतज़ार कर रहे हैं, इसलिए ट्रैफिक में अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा है।