अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार महीनों से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए स्विट्जरलैंड में एक बड़ी बैठक बुलाई गई है. इस बातचीत में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर रविवार, 21 जून 2026 को बर्गेनस्टॉक पहुंचे. दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए पाकिस्तान एक अहम कड़ी की भूमिका निभा रहा है.
यह तकनीकी बातचीत इस्लामाबाद में हुए एक समझौते (MoU) के बाद हो रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पहले ही एक शुरुआती शांति समझौते पर दस्तखत किए थे, जिसमें कूटनीति के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया था. अब इस बैठक का मकसद उस समझौते की बारीकियों को तय करना है. बता दें कि लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ती लड़ाई की वजह से यह बैठक शुक्रवार से टल गई थी और अब रविवार से शुरू हुई है.
बैठक में शामिल मुख्य लोग
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मध्यस्थ के तौर पर शामिल हुए हैं.
- अमेरिका: उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं.
- ईरान: ईरानी दल की अगुवाई संसद स्पीकर मोहम्मद बाक़र ग़ालिबफ़ कर रहे हैं, उनके साथ विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची और सेंट्रल बैंक के गवर्नर भी मौजूद हैं.
- कतर: कतर भी इस तकनीकी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इन चर्चाओं के लिए एक सुरक्षित और गोपनीय जगह दे रहा है, लेकिन गोपनीयता के कारण वह इसमें शामिल लोगों या बातचीत की बातों का खुलासा नहीं करेगा. उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने संकेत दिया है कि इस चर्चा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान के हालात पर मुख्य रूप से बात होगी.
बैठक शुरू होने से ठीक पहले तनाव भी बढ़ा. ईरान ने दावा किया कि उसने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, लेकिन अमेरिकी कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने इस दावे को खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि ईरान का इस जलमार्ग पर कोई नियंत्रण नहीं है और जहाजों की आवाजाही सामान्य है. दूसरी तरफ, ईरान के एक कट्टरपंथी सांसद महमूद नबवियन ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के कुछ गुप्त पत्रों का जिक्र किया है, जिससे पता चलता है कि ईरान के भीतर भी इस बातचीत की कुछ शर्तों को लेकर असहमति है.