अमेरिका और ईरान ने सैद्धांतिक तौर पर एक बैठक करने के लिए सहमति जताई है। यह खबर ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच चल रहे युद्धविराम की समयसीमा 22 अप्रैल को खत्म होने वाली है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य तनाव को कम करना और शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है।

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बैठक की तारीख और जगह को लेकर क्या अपडेट है?

फिलहाल बैठक के लिए कोई पक्की तारीख या जगह तय नहीं हुई है। राष्ट्रपति Trump ने उम्मीद जताई कि अगले दो दिनों में बातचीत हो सकती है, जिसके लिए इस्लामाबाद या जेनेवा जैसे शहरों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी तारीख पर मुहर नहीं लगी है।

परमाणु कार्यक्रम और नाकाबंदी पर क्या है विवाद?

बातचीत में ईरान का परमाणु कार्यक्रम सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका ने ईरान से अपनी परमाणु गतिविधियों को 20 साल तक रोकने का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान केवल 3 से 5 साल तक रोकने की बात कर रहा है। दूसरी तरफ, CENTCOM ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह नाकाबंदी कर दी है, जिससे समुद्री व्यापार रुक गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर नाकाबंदी जारी रही, तो वह फारस की खाड़ी और लाल सागर में जहाजों का रास्ता रोक देगा।

शांति लाने में किन देशों की भूमिका है?

इस मामले में पाकिस्तान बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की का दौरा कर रहे हैं ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी ईरान पहुंचे हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.