अमेरिका और ईरान के बीच सालों से चल रही दुश्मनी अब खत्म हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ एक अहम समझौते (MOU) पर दस्तखत किए हैं। इस खबर के बाद दुनिया भर में शांति की उम्मीद बढ़ गई है और दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की संभावना है।
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White House ने कन्फर्म किया है कि 17 जून 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते पर साइन किए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने भी बताया कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने इस पर अपनी सहमति दे दी है। इस समझौते के औपचारिक साइनिंग की रस्म 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के Geneva शहर में होगी।
समझौते की मुख्य बातें
- युद्ध की समाप्ति: दोनों देश अब हर मोर्चे पर सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद कर देंगे, जिसमें Lebanon भी शामिल है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग न करने का वादा कर रहे हैं।
- समुद्री रास्ता: अमेरिका ने अपने नेवल ब्लॉकेड को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का वादा किया है। वहीं, ईरान Strait of Hormuz से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित और बिना किसी टोल के रास्ता देगा।
- तेल और पाबंदियां: ईरान अब अपना तेल फिर से बेचना शुरू कर सकेगा और अमेरिका इस पर छूट देगा। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि पूरी तरह से पाबंदियां (Sanctions) तभी हटेंगी जब ईरान आने वाली बातचीत में तय शर्तों को पूरा करेगा।
- परमाणु कार्यक्रम: ईरान ने दोबारा भरोसा दिलाया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दोनों देश अब ईरान के यूरेनियम स्टॉक को संभालने के लिए एक प्लान बनाएंगे।
- आर्थिक मदद: ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए अमेरिका अपने क्षेत्रीय साथियों के साथ मिलकर करीब 300 अरब डॉलर का फंड तैयार करेगा।
इस MOU के तहत अगले 60 दिनों तक बातचीत चलेगी ताकि एक फाइनल और विस्तृत समझौता किया जा सके। फ्रांस में G7 समिट के दौरान राष्ट्रपति Trump ने चेतावनी दी कि यह अभी फाइनल डील नहीं है बल्कि सिर्फ एक ढांचा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो अमेरिका फिर से बमबारी और सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।
वहीं दूसरी तरफ, ईरान ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि अगर इसराइल ने लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी या हमले जारी रखे, तो इसे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।