USA और Iran के बीच सुलह की तैयारी, 3 पन्नों के समझौते पर बात जारी, परमाणु कार्यक्रम पर फंसा पेंच
अमेरिका और ईरान अपने बीच चल रहे टकराव को खत्म करने के लिए एक छोटे से 3 पन्नों के समझौते (MOU) पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि डील लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन ईरान का कहना है कि अभी कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। यह सारी बातचीत उस समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है।
समझौते में किन बातों पर चर्चा हो रही है?
इस डील में मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की बात हो रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अगले 20 सालों तक अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोक दे, जबकि ईरान केवल 5 साल की बात कर रहा है। इसके अलावा, अमेरिका ईरान के 20 अरब डॉलर के फंसे हुए पैसे छोड़ने के बदले उसके परमाणु भंडार की मांग कर रहा है। ईरान को मेडिकल रिसर्च के लिए ऊपर ज़मीन पर रिएक्टर रखने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन ज़मीन के नीचे वाले केंद्रों को बंद रखना होगा।
समुद्री रास्ते और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का क्या हाल है?
ईरान ने ऐलान किया है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक समझौता 100% पूरा नहीं हो जाता, तब तक ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रहेगी। खबर है कि अमेरिका की मदद से ईरान अब समुद्र में बिछाए गए माइन हटा रहा है।
बातचीत में कौन-कौन शामिल है और क्या है अपडेट?
इस बड़ी डील को करवाने में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश बीच-बचाव कर रहे हैं। अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ इस मामले को देख रहे हैं। वहीं ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ बातचीत में शामिल हैं। इस खबर के बाद मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| समझौते का स्वरूप | 3 पन्नों का MOU |
| युद्धविराम की समय सीमा | 22 अप्रैल 2026 तक |
| परमाणु फ्रीज (USA प्रस्ताव) | 20 साल |
| परमाणु फ्रीज (ईरान प्रस्ताव) | 5 साल |
| फंसे हुए फंड की राशि | 20 अरब डॉलर |
| बिचौलिया देश | पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र |
| प्रमुख अमेरिकी नेता | डोनाल्ड ट्रंप, मार्को रुबियो |
| प्रमुख ईरानी नेता | अब्बास अराघची |