अमेरिका और ईरान ने एक समझौते पर साइन किए हैं जिससे दोनों देशों के बीच चल रही सैन्य लड़ाई अब रुक जाएगी। इस समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक अमेरिका ईरान पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा। यह कदम परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के लिए उठाया गया है।

क्या है इस समझौते में

18 जून 2026 को दोनों देशों ने ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MOU) पर साइन किए। इस 14 पॉइंट वाले समझौते में तय हुआ कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। दोनों देश अब एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करेंगे।

  • अगले 60 दिनों तक अमेरिका ईरान पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।
  • ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति को बनाए रखेगा।
  • अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए छूट देगा।
  • ईरान के फ्रीज किए गए फंड को रिलीज करने के लिए जरूरी लाइसेंस दिए जाएंगे।

यह समझौता गल्फ देशों और पाकिस्तान की मध्यस्थता से संभव हुआ है। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना केवल तभी संभव होगा जब परमाणु कार्यक्रम पर एक अंतिम समझौता हो जाएगा।

बातचीत फेल हुई तो क्या होगा

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह समझौता केवल बातचीत का रास्ता खोलने के लिए है। अगर आने वाले 60 दिनों में बातचीत सफल नहीं रही या कोई भी पक्ष पीछे हट गया, तो अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों को पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ा देगा।