अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशें नाकाम रहीं और अब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से घेराबंदी करने का आदेश दिया है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में अब भी बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल जमीनी स्थिति काफी गंभीर नजर आ रही है।

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शांति वार्ता क्यों रही नाकाम?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 11 और 12 अप्रैल को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच आमने-सामने बातचीत हुई थी। अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे थे। 13 अप्रैल को यह साफ हो गया कि कोई समझौता नहीं हो पाया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं था, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि ईरान फिर से बातचीत की मेज पर लौटेगा।

नेवल ब्लॉकेड और मुख्य तारीखें

तारीख घटना
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ
11-12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई
13 अप्रैल 2026 बातचीत फेल हुई और नेवल ब्लॉकेड शुरू हुआ
22 अप्रैल 2026 मौजूदा युद्धविराम खत्म होने की तारीख

डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे (ET) से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की पूरी घेराबंदी शुरू कर दी है। US Central Command के अनुसार, अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में ईरान जाने या वहां से आने वाले सभी जहाजों को रोका जाएगा। जो जहाज ईरान नहीं जा रहे हैं, उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

ईरान और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस विफलता के लिए अमेरिका की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने अमेरिका के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ‘समुद्री डकैती’ बताया है। दूसरी तरफ, ब्रिटेन समेत कई NATO सहयोगी देशों ने इस ब्लॉकेड का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान अभी भी कोशिश कर रहा है कि 22 अप्रैल को युद्धविराम खत्म होने से पहले बातचीत दोबारा शुरू हो सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.