अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी अब खत्म हो सकती है। राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि दोनों देश एक शांति समझौते के बहुत करीब हैं। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक बड़े मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अगर सब कुछ सही रहा, तो जल्द ही एक बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियारों की दौड़ से बाहर रहे और बातचीत की मेज पर वापस आए। US Defence Secretary Pete Hegseth ने साफ किया है कि ईरान के पास अब डिप्लोमेसी या टकराव में से एक को चुनने का मौका है। वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु प्रोग्राम सिर्फ शांति के लिए है और वह हथियार नहीं बना रहा है।

इस डील में किन देशों की क्या भूमिका है?

इस शांति प्रयास में कई देशों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के लिए सीज़फायर करवाया और अब बातचीत को आगे बढ़ा रहा है। चीन, रूस और सऊदी अरब ने भी इस बात पर जोर दिया है कि बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।

देश/संस्था मुख्य व्यक्ति/भूमिका
अमेरिका Donald Trump, JD Vance, Pete Hegseth
ईरान Amir Saeid Iravani, Abbas Araghchi
पाकिस्तान PM Shehbaz Sharif, Field Marshal Munir (मध्यस्थ)
ओमान Sayyid Badr Al Busaidi (मध्यस्थ)
चीन Foreign Minister Wang Yi
रूस Foreign Minister Sergei Lavrov
सऊदी अरब Foreign Minister Faisal bin Farhan Al Saud

आगे क्या होने वाला है?

लेबनान में 17 अप्रैल 2026 को सीज़फायर की घोषणा हुई है, जिसे ईरान एक सकारात्मक संकेत मान रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर इस्लामाबाद में डील साइन होती है, तो वह वहां जा सकते हैं। हालांकि, ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी बड़ी मांगों को कम करे ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.