अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चली शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। 12 अप्रैल 2026 को खत्म हुई इस मीटिंग में दोनों देश किसी एक बात पर सहमत नहीं हो पाए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance वहां से बिना किसी समझौते के लौट आए हैं, जिससे अब युद्ध विराम पर संकट मंडरा रहा है।

बातचीत क्यों नहीं हो पाई और मुख्य विवाद क्या था?

अमेरिका की मुख्य मांग यह थी कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का एक लंबा और पक्का वादा करे। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए है। दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों और पश्चिम एशिया में युद्ध विराम जैसे मुद्दों पर गहरी असहमति थी। अमेरिका ने अपना आखिरी ऑफर दिया था, लेकिन ईरान ने इसे मानने से इनकार कर दिया।

इस पूरे मामले में किन देशों का क्या कहना है?

ईरान के मुंबई कॉन्सल जनरल Saeid Reza Mosayeb Motlagh ने भारत की शांति की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की आक्रामकता को रोकने के लिए भारत, रूस और चीन जैसे देश बहुत जरूरी हैं। वहीं पाकिस्तान ने इस वार्ता की मेजबानी की और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की ताकि तनाव और न बढ़े।

इस्लामाबाद वार्ता की मुख्य जानकारियां

बिंदु विवरण
तारीख 11 और 12 अप्रैल 2026
मुख्य स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
अमेरिकी प्रतिनिधि उपराष्ट्रपति JD Vance
ईरानी प्रतिनिधि मोहम्मद बागर कालिबाफ और अन्य
मुख्य विवाद परमाणु हथियारों पर प्रतिबद्धता
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की
वर्तमान स्थिति कोई समझौता नहीं हुआ
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.