USA और Iran के बीच बातचीत की उम्मीद, दुनिया भर में गिरा तेल का दाम, पाकिस्तान करा रहा है बीच-बचाव
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीद जगी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार कोई ठोस समझौता हो पाएगा या तनाव और बढ़ेगा।
अमेरिका और ईरान की बातचीत में अब तक क्या हुआ?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 11 और 12 अप्रैल को पहली बैठक हुई थी, लेकिन वहां कोई सहमति नहीं बन पाई थी। अब 15 अप्रैल के आसपास दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अगले दो दिनों में कुछ प्रगति हो सकती है और उनका मानना है कि ईरान समझौता करना चाहता है। वहीं, UN Secretary-General Antonio Guterres ने भी बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना को काफी अधिक बताया है।
समझौते में क्या रुकावटें हैं और Hormuz Strait का क्या हाल है?
दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक अपनी परमाणु गतिविधियों को पूरी तरह रोके, जबकि ईरान केवल 5 साल का प्रस्ताव दे रहा है। इसके अलावा, अमेरिका ने 14 अप्रैल से Strait of Hormuz की नाकाबंदी शुरू कर दी है ताकि ईरान पर दबाव बनाया जा सके। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि अगर यह नाकाबंदी जारी रही, तो खाड़ी के बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेंगे।
शांति वार्ता और मौजूदा हालात की मुख्य जानकारी
| मुख्य विषय | ताजा जानकारी |
|---|---|
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की |
| अमेरिकी मांग | 20 साल का परमाणु निलंबन और सुविधाओं को हटाना |
| ईरानी प्रस्ताव | 5 साल का परमाणु निलंबन |
| वर्तमान स्थिति | दो हफ्ते का अस्थाई युद्धविराम लागू है |
| ब्लॉकड | Strait of Hormuz की नाकाबंदी जारी है |
| मुख्य लक्ष्य | एक बड़ा समझौता (Grand Bargain) करना |