अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से खराब चल रहे हैं। दोनों देशों के बीच तनाव अब और बढ़ गया है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हैं। परमाणु कार्यक्रम और लाल सागर में हो रहे हमलों ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है।

लाल सागर में तनाव और हूती विद्रोहियों का असर

यमन के हूती विद्रोही, जिन्हें ईरान का समर्थन प्राप्त है, लाल सागर में जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसके जवाब में अमेरिका और उसके साथी देशों ने सैन्य कार्रवाई की है। ईरान इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है और अमेरिकी मौजूदगी को चुनौती दे रहा है।

ईरान का परमाणु प्रोग्राम और अमेरिकी प्रतिबंध

ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ा रहा है, जिससे अमेरिका और अन्य देशों में चिंता बढ़ी है। अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं ताकि उसके परमाणु और सैन्य गतिविधियों पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, अमेरिका ने इस मामले को बातचीत से सुलझाने की बात भी कही है।

क्या है युद्ध शक्ति संकल्प (War Powers Resolution)

अमेरिकी कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के केवल 60 दिन तक सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। इसे 1973 का War Powers Resolution कहा जाता है। इसके बाद या तो कांग्रेस से अनुमति लेनी होती है या फिर सेना को वापस बुलाना पड़ता है। यह नियम अतीत में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों के दौरान चर्चा में रहा था।