अमेरिकी सरकार ने एक बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में एलन मस्क की कंपनी xAI के Grok आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल का इस्तेमाल किया गया। यह जानकारी तब सामने आई जब अमेरिका के न्याय विभाग ने एक कानूनी मामले में xAI कंपनी का बचाव किया।
पेंटागन के चीफ डिजिटल और AI ऑफिसर Cameron Stanley ने कोर्ट में गवाही देते हुए इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि Grok AI को अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन्स का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस डेटा सेंटर से यह AI चलाया जाता है, उसकी क्षमता को बनाए रखना देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
खबरों के मुताबिक, xAI और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच 23 फरवरी 2026 को एक समझौता हुआ था। इसके बाद Grok के एक खास वर्जन ‘Grok Gov Model’ को सैन्य प्रणालियों में जोड़ा गया। इस AI का इस्तेमाल ‘Operation Epic Fury’ के दौरान किया गया, जिसमें अमेरिकी सेना ने महज 96 घंटों के भीतर ईरान के 2,000 अलग-अलग ठिकानों पर हमला किया।
इससे पहले अमेरिकी सेना Project Maven के लिए Anthropic कंपनी के Claude AI का इस्तेमाल करती थी, लेकिन बाद में उसे हटाकर Grok को लाया गया। अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था।
हालांकि, युद्ध में AI के इस्तेमाल पर अब गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि ईरान के मीनाब शहर में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में AI की भूमिका हो सकती है, जिसमें करीब 175 लोगों की जान गई और उनमें ज़्यादातर बच्चे थे।