अमेरिकी सीनेट की Appropriations Committee की सुनवाई के दौरान ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर एक तीखी बहस देखने को मिली। सीनेटर Jon Ossoff ने रक्षा मंत्री Pete Hegseth से सवाल किया कि क्या ईरान की सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म हो गई है। यह सुनवाई 21 और 22 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसमें सीनेटर ने मंत्री से उनके पुराने दावों की सच्चाई बताने को कहा।
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युद्ध के लिए भारी फंड की मांग
मंत्री Pete Hegseth, जिन्होंने 25 जनवरी 2025 को पद संभाला था, ने सीनेट के सामने तर्क दिया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना अब नहीं बची है और उनकी मिसाइलें भी जमीन के अंदर दबी हुई हैं। हालांकि, इस दावे के बावजूद अब Department of War, जिसे पहले पेंटागन कहा जाता था, इस युद्ध के लिए $88 बिलियन की अतिरिक्त फंडिंग की मांग कर रहा है। अभी तक इस युद्ध पर $37.5 बिलियन का खर्च आ चुका है।
सैन्य कार्रवाई और सुरक्षा पर अपडेट
रक्षा विभाग ने सुनवाई से एक दिन पहले ही बताया था कि उन्होंने ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि व्यावसायिक जहाजों पर होने वाले हमलों को रोका जा सके। सीनेट में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
