USA-NATO Tension: ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और नाटो में तनातनी, स्पेन को हटाने और ब्रिटेन पर कार्रवाई की तैयारी

अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच ईरान युद्ध को लेकर विवाद गहरा गया है। व्हाइट हाउस ने उन देशों की एक लिस्ट तैयार की है जिन्होंने युद्ध के दौरान अमेरिका का पूरा साथ नहीं दिया। इस विवाद में कुछ देशों को नाटो से बाहर करने और पुराने अंतरराष्ट्रीय दावों की समीक्षा करने जैसी बड़ी बातें सामने आई हैं।

नाटो देशों के लिए ‘नॉटि और नाइस’ लिस्ट और संभावित सजा

व्हाइट हाउस ने नाटो सदस्य देशों की एक ‘Naughty And Nice’ सूची बनाई है। इसमें उन सहयोगियों का मूल्यांकन किया गया जिन्होंने ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका की मदद करने में हिचक दिखाई। पेंटागन के एक आंतरिक ईमेल के अनुसार, स्पेन को नाटो से निलंबित करने जैसे विकल्पों पर विचार किया गया क्योंकि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। साथ ही, ब्रिटेन के फॉकलैंड द्वीप दावे पर अमेरिकी नीति की समीक्षा करने की बात भी कही गई है।

अमेरिकी मिसाइल भंडार में बड़ी कमी और पेंटागन की रिपोर्ट

23 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध की वजह से अमेरिका के मिसाइल भंडार काफी कम हो गए हैं। Tomahawk मिसाइलों के स्टॉक में 30% और लंबी दूरी की संयुक्त वायु-से-सतह स्टैंडऑफ मिसाइलों में 20% से ज्यादा की कमी आई है। SM3 और SM6 मिसाइलें भी लगभग 20% नष्ट हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन भंडारों को वापस युद्ध-पूर्व स्तर पर लाने में कई साल लग सकते हैं।

पेंटागन में बदलाव और ट्रंप का युद्धविराम पर फैसला

अमेरिकी नौसेना सचिव John Fallon को अचानक उनके पद से हटा दिया गया है, जिससे पेंटागन के भीतर नेतृत्व को लेकर बहस शुरू हो गई है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान के साथ युद्धविराम लागू रहेगा जब तक कि उनके नेता एक एकीकृत प्रस्ताव के साथ सामने नहीं आते। ट्रंप ने नाटो को ‘कागजी शेर’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अब अपनी वैश्विक नीतियों के लिए नाटो के बजाय अपनी क्षमताओं पर भरोसा करेगा।