अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकारों ने ईरान के सबसे ज़रूरी तेल केंद्र Kharg Island पर कब्ज़ा करने के लिए सैन्य योजनाएं तैयार की हैं। अगर यह हमला होता है, तो इससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

अमेरिका का ईरान के खिलाफ क्या है नया प्लान?

New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन अब ईरान के खिलाफ ज़्यादा कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है। इन योजनाओं में बड़े पैमाने पर बमबारी और विशेष बलों (Special Forces) को Kharg Island पर भेजने की बात शामिल है। यह द्वीप ईरान के लिए तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने यह भी माना है कि इस द्वीप पर कब्ज़ा करने के बाद उसे संभालने के लिए ज़मीनी सैनिकों को तैनात करना होगा, जिससे यह ऑपरेशन काफी जटिल हो जाएगा।

CENTCOM और ईरानी सेना की तैयारी क्या है?

अमेरिका के CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने सीनेट के सामने गवाही देते हुए बताया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की दुनिया को डराने की क्षमता को काफी कम कर दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिका ने ईरान के 8,000 समुद्री माइन्स में से 90 प्रतिशत से ज़्यादा को नष्ट कर दिया है ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सुरक्षित रहे। दूसरी तरफ, ईरानी सेना के ब्रिगेडियर मोहम्मद अकबरनिया ने साफ़ कहा है कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है और वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।

दुनिया और तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ेगा?

इस तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप से बात की है। उन्होंने ज़ोर दिया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए और ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। 8 मई को सैटेलाइट तस्वीरों में Kharg Island के पास समुद्र में तेल का एक बड़ा धब्बा देखा गया था। फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और अमेरिका अलग-अलग सैन्य विकल्पों की जांच कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ने Kharg Island पर कब्ज़ा कर लिया है?

नहीं, अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन सिर्फ अलग-अलग सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

Kharg Island ईरान के लिए क्यों ज़रूरी है?

यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण केंद्र है। इस पर कब्ज़े का मतलब होगा ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ना और वैश्विक तेल बाज़ार पर प्रभाव डालना।