अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ईरान से तेल खरीदने के मामले में चीन की एक बड़ी रिफाइनरी पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery को निशाने पर लिया है क्योंकि यह कंपनी ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बड़ी खरीदारों में शामिल थी. इस बड़े फैसले से ईरान की तेल आय पर दबाव बढ़ने की संभावना है.

किन पर और क्यों लगे प्रतिबंध?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की इकाई OFAC ने Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery Co. के खिलाफ यह कार्रवाई की है. अमेरिका का कहना है कि यह कंपनी ईरान के कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदारों में से एक थी. सिर्फ रिफाइनरी ही नहीं, बल्कि अमेरिका ने ईरान की तथाकथित ‘Shadow Fleet’ से जुड़ी करीब 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. ये जहाज ईरानी तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने का काम करते थे.

इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इन प्रतिबंधों का मकसद नामित फर्मों और व्यक्तियों को अमेरिका में रखी अपनी संपत्ति या वित्तीय एसेट्स तक पहुँचने से रोकना है. साथ ही, अब कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी इनके साथ व्यापार नहीं कर पाएगी. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान अपनी तेल आय का उपयोग परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों के लिए करता है, जिसे रोकने के लिए यह वित्तीय शिकंजा कसा गया है.

हालिया घटनाक्रम और अपडेट्स

हालांकि ट्रंप प्रशासन का समय पहले बीत चुका है, लेकिन 24 अप्रैल 2026 की हालिया रिपोर्ट्स में इन प्रतिबंधों की चर्चा फिर से शुरू हुई है. जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 में तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए बाजारों को स्थिर करने के लिए 30 दिनों की छूट दी गई थी. इस छूट की घोषणा अमेरिकी ट्रेजरी मंत्री Scott Bessent ने की थी. इसके अलावा, अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप से रूस, ईरान और वेनेजुएला से तेल खरीदने वाली चीनी कंपनियों पर और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.