ईरान ने Strait of Hormuz में जहाजों का रास्ता रोककर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने अब इस समस्या के हल के लिए United Nations (UN) से मदद मांगी है. बताया गया है कि करीब 1500 जहाज और 20 हजार कर्मचारी वहां फंसे हुए हैं, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है.

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UN में क्या प्रस्ताव दिया गया है और ईरान ने क्या किया?

अमेरिका ने UN Security Council में एक प्रस्ताव पेश किया है ताकि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आज़ादी बनी रहे. इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि ईरान समुद्र में बिछाए गए माइन्स (mines) को हटाए और जहाजों से अवैध टोल टैक्स लेना बंद करे. अगर ईरान ने बात नहीं मानी, तो उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. दरअसल, ईरान पर आरोप है कि उसने इस रास्ते को ब्लॉक करके वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बना लिया है. इस प्रस्ताव को सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर और बहरीन जैसे Gulf देशों ने भी अपना समर्थन दिया है.

Trump प्रशासन ने मिलिट्री ऑपरेशन क्यों रोका और क्या है नया प्लान?

राष्ट्रपति Donald Trump ने “Project Freedom” नाम के मिलिट्री ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया है. उन्होंने बताया कि ईरान के साथ शांति वार्ता चल रही है और एक डील होना मुमकिन है. हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान राजी नहीं हुआ, तो बमबारी तेज की जाएगी. विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया कि Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है और ईरान इसे ब्लॉक नहीं कर सकता. फिलहाल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी है, लेकिन शांति के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखा है.

आम लोगों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?

Strait of Hormuz दुनिया के 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई का मुख्य रास्ता है. अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद रहता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. Gulf देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां यात्रा करने वालों के लिए क्षेत्र में शांति बहुत जरूरी है, क्योंकि किसी भी सैन्य टकराव से आर्थिक अस्थिरता आ सकती है और व्यापार पर असर पड़ सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में अभी क्या स्थिति है?

ईरान ने इस रास्ते में माइन्स बिछाकर और अवैध टैक्स लगाकर जहाजों का रास्ता रोका है. इस वजह से करीब 1500 जहाज और 20 हजार चालक दल के सदस्य वहां फंसे हुए हैं.

अमेरिका ने UN से मदद क्यों मांगी है?

अमेरिका चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया जाए ताकि ईरान रास्ता खोले. UN के चैप्टर 7 के तहत प्रस्ताव लाने से ईरान पर कड़े आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.