अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने अपनी नई 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर कड़े प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इस रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से कहा गया है कि इन संगठनों की संपत्तियां कुर्क की जाएं और इन पर वीजा बैन लगाया जाए। वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे पक्षपाती और प्रेरित बताया है।

क्या हैं USCIRF की मुख्य सिफारिशें?

कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में भारत को लगातार सातवें साल ‘विशेष चिंता वाले देश’ (CPC) की सूची में रखने की बात कही है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार से कहा गया है कि वह ‘आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट’ के तहत भारत को हथियारों की बिक्री पर रोक लगाए।

कमीशन का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच भविष्य के सैन्य और व्यापारिक रिश्ते धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार से जुड़े होने चाहिए।

रिपोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक और राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों का हवाला देते हुए धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए गए हैं।

भारत सरकार का इस रिपोर्ट पर जवाब

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस रिपोर्ट का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि USCIRF भारत की गलत और चुनिंदा तस्वीर पेश कर रहा है।

उन्होंने साफ कहा कि यह रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित है और इसकी कोई अहमियत नहीं है।

साथ ही कमीशन को नसीहत दी गई कि वह अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों और वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों के साथ हो रहे बुरे बर्ताव पर भी ध्यान दे।

क्या अमेरिकी सरकार के लिए ये सिफारिशें मानना जरूरी है?

USCIRF अमेरिकी सरकार का एक स्वतंत्र और द्विदलीय आयोग है जो दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखता है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि इस कमीशन की सिफारिशें अमेरिकी सरकार या व्हाइट हाउस के लिए बाध्यकारी नहीं हैं।

इसका मतलब है कि अमेरिकी सरकार इसे मानने के लिए मजबूर नहीं है। पिछले कई सालों से अमेरिकी विदेश मंत्रालय भारत के खिलाफ इस आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज करता आ रहा है।

भारत में भी इस रिपोर्ट के बाद राजनीति तेज हो गई है और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.