मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी नौसेना के कमांडर ने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln को लेकर सीधी चेतावनी जारी की है। ईरान का कहना है कि यह अमेरिकी पोत उनकी लगातार निगरानी में है और यदि यह उनकी मिसाइल रेंज के दायरे में आता है तो इसे तुरंत निशाना बनाया जाएगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

क्या हुआ था 13 मार्च को और अमेरिका का क्या है कहना?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया था कि उन्होंने 13 मार्च के आसपास USS Abraham Lincoln पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। ईरान के अधिकारियों के मुताबिक इस हमले की वजह से अमेरिकी जहाज को नुकसान हुआ और उसे पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन सभी दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। अमेरिका का कहना है कि उनके विमानवाहक पोत पर कोई हमला नहीं हुआ है और वह अरब सागर में अपना काम जारी रखे हुए है।

मिडिल ईस्ट में अभी क्या हैं ताजा हालात?

तारीख महत्वपूर्ण जानकारी
13 मार्च 2026 ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा किया जिसे अमेरिका ने नकार दिया।
24 मार्च 2026 USS Abraham Lincoln को अरब सागर में तैनात देखा गया।
25 मार्च 2026 ईरानी कमांडर ने मिसाइल रेंज में आने पर हमले की नई चेतावनी दी।
16 मार्च 2026 चीनी सैटेलाइट डेटा में अमेरिकी पोत के ईरानी तट से दूर जाने की खबर आई।

ईरान के लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफकारी ने कहा है कि अमेरिका की पुरानी ताकत अब हार में बदल चुकी है। ईरान का मानना है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा अब केवल उनकी सैन्य शक्ति के भरोसे है। दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि एक ईरानी जहाज अमेरिकी पोत के काफी करीब आ गया था जिसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने फायरिंग की थी लेकिन वह निशाना चूक गया था। वर्तमान में USS Abraham Lincoln अरब सागर में मौजूद है और वहां से अपनी सैन्य गतिविधियां चला रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com