अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली विमानवाहक पोत USS George H.W. Bush अब हिंद महासागर में देखा गया है. यह जहाज अपनी स्ट्राइक ग्रुप के साथ मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है. सऊदी अरब के समाचार स्रोतों और अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है कि यह पोत अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के क्षेत्र की ओर जा रहा है.

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USS George H.W. Bush ने लाल सागर का रास्ता क्यों छोड़ा?

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस बार जहाज ने भूमध्य सागर, स्वेज नहर और लाल सागर के पारंपरिक रास्ते का इस्तेमाल नहीं किया. इसकी जगह जहाज ने अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) से लंबा रास्ता चुना. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि लाल सागर और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में ईरान समर्थित हूतियों द्वारा अमेरिकी और व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे थे.

जहाज की यात्रा और अभी की लोकेशन क्या है?

यह पोत मार्च 2026 के अंत में वर्जीनिया के नॉरफ़ॉक से अपनी यात्रा पर निकला था. 14 अप्रैल 2026 को इसे नामीबिया के तट पर देखा गया था और 22 अप्रैल 2026 को यह मेडागास्कर के उत्तर में पहुंच गया. अब यह अरब सागर की ओर बढ़ रहा है. नामीबिया के रक्षा मंत्रालय ने भी कन्फर्म किया कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत उनके विशेष आर्थिक क्षेत्र से गुजरा है.

स्ट्राइक ग्रुप में कौन से जहाज शामिल हैं?

  • USS George H.W. Bush: मुख्य विमानवाहक पोत (Nimitz-class)
  • Carrier Air Wing Seven: विमानन इकाई
  • सहायक जहाज: इसमें USS Ross, USS Donald Cook और USS Mason जैसे डिस्ट्रॉयर्स शामिल हैं
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com