Middle East Tension: USS George Washington हुआ रवाना, USS Abraham Lincoln की लेगा जगह

अमेरिका की नौसेना का विमानवाहक पोत USS George Washington वियतनाम से रवाना हो चुका है और इस समय मलक्का जलडमरूमध्य से गुजर रहा है। यह यात्रा मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व में एक नई रणनीतिक तैनाती की शुरुआत को दर्शाती है। यह पोत USS Abraham Lincoln की जगह लेने के लिए आगे बढ़ रहा है, जो पिछले 260 से अधिक दिनों से लगातार एक कठिन मिशन पर तैनात था। राष्ट्रपति Donald Trump और रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इस बदलाव की पुष्टि की और बताया कि लिंकन अपने इतिहास के सबसे लंबे नौसैनिक अभियानों में से एक को पूरा करने के बाद अपने घर वापस लौटेगा।
चालक दल के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर अमेरिकी कमान का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने लिंकन के नाविकों और कर्मचारियों की सेहत को लेकर चल रही चिंताओं पर आधिकारिक रूप से बात की। अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य संकट या किसी अंदरूनी घातक घटना की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि, उन्होंने इस बात को माना कि लंबे समय तक चले युद्ध जैसे अभियानों ने कर्मचारियों पर काफी मानसिक दबाव डाला है और सामान की सप्लाई चेन में भी कुछ रुकावटें पैदा की हैं। इसके बावजूद, अधिकारियों का यह कहना है कि जहाज का पूरा स्टाफ पूरी तरह से मजबूत बना हुआ है और हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
अरब सागर में तैनात किया गया एक और पोत
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका ने अरब सागर में एक और शक्तिशाली पोत USS George H.W. Bush को तैनात कर दिया है। ईरान के साथ चल रहे लगातार तनाव और संघर्ष के बीच इस तैनाती से खाड़ी देशों और समुद्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी लगातार बनी रहेगी। इस बड़े बदलाव से मध्य पूर्व के हालातों पर अमेरिका की पकड़ और अधिक मजबूत होगी, जिसका असर क्षेत्र में रह रहे प्रवासियों और वहां आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ेगा।