उत्तर प्रदेश में हवाई सफर को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. हाल ही में फरवरी 2026 में आरटीआई (RTI) से मिले आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 के बाद प्रदेश में शुरू हुए 7 नए हवाई अड्डों में से 6 पर नियमित उड़ानें बंद हो चुकी हैं. हालांकि, एक तरफ जहां छोटे शहरों के एयरपोर्ट सूने पड़े हैं, वहीं कानपुर और आगरा जैसे पुराने और बड़े शहरों के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

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किन हवाई अड्डों पर उड़ानें हुई बंद?

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी बताती है कि यात्रियों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के चलते कई नए एयरपोर्ट्स पर ताला लग गया है. नीचे दी गई लिस्ट में आप देख सकते हैं कि कहां और कब से सेवा बंद है:

एयरपोर्ट कब से बंद मुख्य वजह
कुशीनगर नवंबर 2023 यात्री कम और ILS की दिक्कत
आजमगढ़ नवंबर 2024 यात्रियों की भारी कमी
अलीगढ़ अप्रैल 2025 कमर्शियल मांग का न होना
चित्रकूट दिसंबर 2024 खराब विजिबिलिटी
श्रावस्ती दिसंबर 2024 6 महीने बाद भी यात्री नहीं मिले
मुरादाबाद नवंबर 2024 ऑपरेटर ने सेवा रोकी

अयोध्या एयरपोर्ट इसका एक बड़ा अपवाद है. धार्मिक पर्यटन की वजह से यहां साल 2024-25 में 11 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया है और यह सफलतापूर्वक चल रहा है.

बड़े शहरों में हवाई सफर का क्रेज बढ़ा

भले ही छोटे शहरों में उड़ानें थम गई हों, लेकिन स्थापित शहरों में हवाई सफर करने वालों की तादाद तेजी से बढ़ी है. कानपुर एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बनने के बाद यात्रियों की संख्या में 165% की वृद्धि हुई है. आगरा एयरपोर्ट पर भी यात्रियों की संख्या में 247% का भारी उछाल आया है. इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी फ्लाइट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है.

फ्लाइट्स बंद होने का असली कारण क्या है?

ज्यादातर बंद हुए एयरपोर्ट ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत शुरू हुए थे. सरकार की तरफ से मिलने वाली वीजीएफ (VGF) फंडिंग तीन साल बाद खत्म हो जाती है. फंडिंग बंद होने और यात्रियों की कमी के कारण एयरलाइंस को घाटा हो रहा था, जिससे उन्होंने सेवाएं रोक दीं. हालांकि, राहत की खबर यह है कि ‘शंख एयर’ और ‘अल हिंद एयर’ जैसी नई कंपनियों को मंजूरी मिली है, जो इन रूट्स पर दोबारा उड़ानें शुरू कर सकती हैं.