उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, चार धाम यात्रियों के लिए चेतावनी जारी

Nura Basta20 August 20263 min read63 viewsIndia
उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, चार धाम यात्रियों के लिए चेतावनी जारी

उत्तराखंड के गढ़वाल डिवीजन में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और प्रमुख नदियों का जलस्तर बेहद खतरनाक रूप से बढ़ा दिया है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की लगातार सलाह दी जा रही है। 20 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, ऋषिकेश में गंगा नदी अपने खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जबकि अलकनंदा नदी का पानी भी तेजी से बढ़कर माता धारा देवी मंदिर के प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया है। देहरादून और उसके आस-पास के इलाकों में तमास, टोंस, आसन और रिस्पना नदियों का जलस्तर भी बहुत गंभीर स्थिति में पहुंच गया है, जहां कुछ क्षेत्रों में रोज होने वाली बारिश 200 मिलीमीटर से भी ज्यादा दर्ज की गई है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

प्रशासन और अधिकारियों के कड़े निर्देश

गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने यह पुष्टि की है कि अधिकारी संवेदनशील इलाकों से लोगों को लगातार सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर रहे हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए लाउडस्पीकर व अन्य माध्यमों से चेतावनी प्रसारित कर रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ सभी चार धाम यात्रियों से साफ तौर पर यह अपील की है कि वे नदियों के किनारों के पास बिल्कुल न जाएं और सेल्फी लेने जैसे जोखिम भरे कामों से पूरी तरह दूर रहें। मौसम खराब होने के बावजूद चार धाम यात्रा लगातार जारी है और रोजाना 8,000 से 9,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले साल अगस्त की इसी अवधि के मुकाबले लगभग 500,000 ज्यादा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेटों को यह अधिकार दिया गया है कि वे हालात खराब होने पर यात्रा को अधिकतम 12 घंटे के लिए अस्थायी तौर पर रोक सकते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए पीने के पानी और स्वच्छता सुविधाओं से लैस विशेष 'होल्डिंग एरिया' भी बनाए गए हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।

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मुख्यमंत्री का निर्देश और मौसम विभाग का अलर्ट

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए हैं कि वे राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाएं, खासकर पौड़ी गढ़वाल के महरगांव जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जहां हाल ही में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। दूसरी तरफ, भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 24 अगस्त 2026 तक उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का रेड और ओरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है उनमें देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और उधम सिंह नगर प्रमुख रूप से शामिल हैं, जहां लगातार तेज बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों के बारे में आप IMD Dehradun के बुलेटिन में जाकर पढ़ सकते हैं।

स्कूलों की स्थिति और यात्रा के रास्ते

हालाँकि सरकार की तरफ से अभी तक पूरे राज्य में स्कूलों को बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन स्थानीय सुरक्षा और जमीन पर हालात की समीक्षा करने के बाद जिला मजिस्ट्रेटों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने इलाके के स्कूलों को बंद करने का फैसला ले सकते हैं। यात्रा के मुख्य रास्ते, खासकर ऋषिकेश-बद्रीननाथ और केदारनाथ मार्ग, भूस्खलन, मलबे और ऊपर से गिरते पत्थरों की वजह से बहुत ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं। यही वजह है कि प्रशासन ने पूरे मानसूनी सीजन के दौरान यात्रियों और चालकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस बारे में अधिक जानकारी Uniindia की रिपोर्ट में उपलब्ध कराई गई है।

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