उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) में बड़े बदलाव किए हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने 26 जनवरी 2026 को इस नए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। अब राज्य में धोखे से शादी करना या लिव-इन रिलेशनशिप में रहना भारी पड़ सकता है। नए नियमों के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं लागू होंगी और सजा भी पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है।

धोखे से रिश्ता बनाने पर 7 साल की जेल

अगर कोई व्यक्ति जबरदस्ती, डरा-धमकाकर या अपनी पहचान छिपाकर शादी करता है या लिव-इन में रहता है, तो उसे अब 7 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 50,000 रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। पहले के मुकाबले यह कानून अब काफी सख्त हो गया है। अगर शादी के समय गलत जानकारी दी गई या पहचान छिपाई गई, तो उस शादी को कानूनी रूप से रद्द भी किया जा सकता है।

नाबालिग से शादी और अवैध तलाक पर सजा

  • नाबालिग से शादी: अगर कोई गलत जानकारी देकर किसी नाबालिग से शादी करता है या लिव-इन में रहता है, तो उसे 6 महीने की जेल और 50,000 रुपये का जुर्माना होगा। इसके अलावा उस पर POCSO एक्ट के तहत भी अलग से मामला चलेगा।
  • अवैध तलाक: बिना कानूनी प्रक्रिया के या गलत तरीके से तलाक लेने पर 3 साल तक की सजा हो सकती है।
  • दूसरी शादी: बिना तलाक लिए दूसरी शादी करना या लिव-इन में रहना भी अब अपराध की श्रेणी में आएगा।

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को 30 दिन के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराता है, तो उसे 3 महीने की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। रजिस्ट्रेशन के समय गलत जानकारी देने पर सजा और जुर्माना दोनों बढ़ सकते हैं। अब रिश्ता खत्म होने पर रजिस्ट्रार की तरफ से एक ‘टर्मिनेशन सर्टिफिकेट’ भी जारी किया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई कानूनी पचड़ा न हो।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.